भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ. शिव का रहस्य

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भगवान शिव के जन्म का रहस्य -(The secret of Lord Shiva birth)

नमस्ते दोस्तों आपका स्वागत है ! हमारी वेबसाइट SpeedIndia24 में ! आज का हमारा विषय है ‘‘शिव का रहस्य और भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ “!

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भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ

हमारा पिछला विषय था ⇒ महाभारत युद्ध के लिए श्री क्रष्ण ने कुरुक्षेत्र की भूमि को ही क्यों चुना !

भगवान शिव का रहस्य – हम सब भगवान शिव की पूजा करते है ! लेकिन हमसे कुछ ही लोग जानते होंगे की भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ है ! आज हम आपको इस रहस्य से परिचित करने की कोशिश करेंगे ! बहुत से लोग बहुत सी बाते करते है ! लेकिन सही जानकारी नहीं होने की वजह से वे गलत बाते करते है !



शिव के रहस्यों को लेकर सभी के ये कुछ सवाल होते है ! ⇒

  • शिवलिंग क्या है ?
  • लोग शिवलिंग की पूजा क्यों करते है ?
  • भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ ?
  • भगवान शिव का जन्म कब हुआ ?

हम आपको इस आर्टिकल में क्या-क्या जानकारी देने वाले है ?

  1. भगवान शिव के जन्म का रहस्य !
  2. शिवलिंग क्या है !
  3. भगवान शिव के नाम !
  4. भगवान शिव की उत्पति !
  5. भगवान शिव कहानी !

भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ – (The secret of Lord Shiva birth)

किसी वेद या पूराण में भगवान शिव के जन्म के बारे में कुछ भी नहीं लिखा है ! भगवान शिव के बारे में कहा जाता है ! शिव निरंकार है ! जिसका कोई रूप नहीं होता ! लोग जिन्हें भगवान या गॉड कहते है ! वो सभी एक ही है ! उनका रूप किसी इन्सान की तरह नहीं है ! शिव का आकर,शब्दों और ज्ञान की सीमा से परे है ! शिव सिर्फ एक बिंदु है !

जब भगवान शिव ने सोचा की इस दुनिया का निर्माण किया जाए ! तब उन्होंने भगवान विष्णु को जन्म दिया और विष्णु भगवान की नाभि से ब्रह्मा जी का जन्म हुआ ! लेकिन जब दोनों का जन्म हुआ ! तब उन्हें ये भी नहीं पता था की वो कहा से और कैसे आये है ! दोनों ही बहुत शक्तिशाली थे ! बात-बात पर दोनों में बहस सुरु हो गयी थी की कोन ज्यादा शक्तिशाली है या कोन बड़ा है ! वो दोनों आपस में ही लड़ने लगे ! यह युद्ध करीबन 10 हजार सालो तक चला !

शिवलिंग क्या है शिवलिंग का रहस्य (What is Shivalinga! Mystery of Shivling)

तब भगवान शिव एक विशाल पत्थर के रूप में उन दोनों के बिच में आ गए ! जिसमे से बहुत ही शक्तिशाली ज्वाला निकल रही थी ! फिर एक आकाशवाणी हुयी की जो भी इस लिंग का आरम्भ या अंत पालेगा वो बड़ा होगा ! भगवान विष्णु निचे की और गए और ब्रह्मा जी ऊपर ! दोनों कई सालो तक खोज करते रहे लेकिन उन्हें न तो उस लिंग का आरम्भ मिला न ही अंत !

भगवान विष्णु वापस आ गए और बोले – हे महान शक्तिशाली प्रभु इसका कोई अंत नहीं है ! मुझे माफ़ करे ! ये मेरी अज्ञानता थी की में खुद को सबसे शक्तिशाली समज रहा था ! ब्रह्मा जी को लिंग का आरम्भ नहीं मिला लेकिन उन्होंने सोचा शिव को क्या पता चलेगा ! में जाकर कह देता हु की मुझे लिंग का आरंभ मिल चूका है ! फिर में विष्णु से बड़ा माना जाऊँगा ! यह सोच कर ब्रह्मा जी वापस आये और घमंड में बोले मुझे लिंग का आरम्भ मिल गया है !



तब फिर आकाशवाणी हुयी ये शिवलिंग है और मेरा कोई आकार नहीं है ! में निरंकार हु और शिव जी तो सब कुछ जानते ही थे ! उन्होंने भगवान विष्णु को आशीर्वाद दिया ! ब्रह्मा को झूठ बोलने की वजह से श्राप दिया की तुम्हारी कभी भी पूजा नहीं होगी ! तब ब्रह्मा ने अपनी गलती के लिए माफ़ी मांगी और फिर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया ! तब से भगवान शिव को शिवलिंग के रूप में पूजा जाता है !


भगवान शिव के नाम (Name of Lord Shiva)

1.रूद्र 2.शर्व 3.भाव 4.उग्र 5.भीम 6.पशुपति 7.इशान 8.महादेव 


भगवान शिव की उत्पति (The origin of Lord Shiva)

इस कथा के बाद भगवान विष्णु और ब्रह्मा ने भगवान शिव से प्रार्धना की ! भगवान आप हमारे जेसे सम्मान रूप में हमारे साथ रहे ! तब उस लिंग से भगवान शिव बाहर आये ! जिन्हें शिवशंकर और महादेव कहा गया ! जो शिव के रूप में है ! जेसे की विष्णु और ब्रह्मा ! उन भगवान शिवशंकर के पांच मुह थे ! उनकी पत्नी माता गायत्री के भी पांच मुह थे ! माता गायत्री ही माँ शक्ति, माँ सती और वही माता पार्वती थी ! माता गायत्री को प्राकर्तिक भी कहा जाता है ! जिनकी हम सब पूजा करते है ! 

जितने भी देवी देवता भगवान विष्णु, ब्रह्मा और शिवशंकर आंखे बंद करकर ध्यान करते है ! वो सभी भगवान शिव का ही नमन करते है ! ऐसा भी कहा गया है की कोई समज ही नहीं पाया की ब्रह्मा,विष्णु,महेश हे कोन ? ये तीनो जब मिलते है ! तो ज्योति का एक बिंदु बनता है ! जिससे सारा संसार है ! ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनो एक ही है !  कोई बड़ा या छोटा नहीं है !


भगवान शिव कहानी (Lord Shiva story) भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ. शिव का रहस्य

संसार चलाने के लिए शिव जी अपना विस्तार कर विष्णु प्रजा पालक ! ब्रह्मा जन्म देने वाले और जरुरत पढ़ने पर विष भी पिने वाले भगवान बने ! विष्णू शिव की पूजा करते है ! शिव जी  विष्णु की पूजा करते है ! पर तीनो ही सर्वश्रेस्ठ है ! कोई बड़ा या छोटा नहीं है ! भगवान शिव का जन्म कैसे हुआ – इस बात का जवाब यही है ! की भगवान शिव का नाही कोई जन्म हुआ और नहीं कोई मृत्यु !

शिव की नहीं कोई शुरुआत है और नाही अंत ! शिव निरंकार है उनका कोई आकार नहीं है ! उनकी कोई उम्र नहीं है ! जो चीज जन्म लेती है उसे मरना भी होता है ! जो शुरू होता है उसे खत्म भी होना होता है ! पर भगवान शिव इन सबसे परे है ! उनका कोई जन्म नहीं हुआ और नाही कोई अंत होगा ! वो सबसे पहले है और सबसे अंत तक रहेंगे !



भगवान शिवशंकर जिन्हें हम जानते है ! वो उस लिंग से बाहर आये ये उनका जन्म नहीं था ! ये बस एक आकार ग्रहण करण था ! अलग -अलग लोगो की अलग अलग मान्यताये है ! कोई कुछ कहता है तो कोई कुछ पर सबसे बडा सच है ! ये की भगवान शिव हमेसा से है और हमेसा रहेंगे !


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