माँ वैष्णो देवी यात्रा पर जाने से पहले जरुर जान ले इन बातो को

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माँ वैष्णो देवी यात्रा से संबंधित जानकारी (Information about Maa Vaishno Devjourney)

वैष्णो देवी मंदिर जो विश्व प्रसिद्ध तथा पवित्र तीर्थ स्थल है ! वैष्णो देवी मन्दिर शक्ति को समर्पित एक हिन्दू मन्दिर है ! जो भारत में जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है ! बहुत से श्रदालु माँ वैष्णो देवी यात्रा के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से आते है ! पर ज्यादा तर उनमे से ऐसे भक्त होते है ! जो माँ वैष्णो देवी की गुफा के रहस्य नहीं जानते ! भक्तो की लम्बी कतारों के कारण श्रदालुओ को माँ वैष्णो देवी गुफा के दर्शन करने का काफी कम समय मिलता है !

माँ वैष्णो देवी यात्रा
माँ वैष्णो देवी यात्रा से संबंधित जानकारी

आज हम आपको इस गुफा की सबसे हेरान कर देने वाले रहस्यों को बतायेंगे ! जिसे पढ़कर आपके मन में भी माँ वैष्णो देवी की यात्रा करने की इच्छा जागेगी ! आप पढ़ रहे है माँ वैष्णो देवी यात्रा से संबंधित जानकारी” तो हमारे साथ बने रहे और पढ़ते रहे Si24 के अजब गजब आर्टिकल्स !

वैष्णो देवी मंदिर जम्मू कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर के समीप स्थित है ! ये उतरी भारत में सबसे पूजनीय मंदिर और पवित्र स्थलों में से एक है ! वैष्णो देवी का मंदिर 5200 फिट की ऊचाई और कटरा से लगभग 12 km की दुरी पर स्थित है ! ये भारत में तिरुमाला वेन्कटेशवर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ स्थल है ! इस मंदिर की देखरेख श्री माता वैष्णो देवी तीर्थ मंडल द्वारा की जाती है ! तीर्थ यात्रा को सुविधा जनक बनाने के लिए उधमपुर से कटरा तक एक रेल संपर्क बनाया गया है !

चलिए अब बात करते है माँ वैष्णो देवी गुफा से जुड़े रहस्यों के बारे में !



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माँ वैष्णो देवी गुफा के दंग कर देने वाले रहस्य (The mysterious secrets of the Vaishno Devi cave)

माँ वैष्णो देवी यात्रा
माँ वैष्णो देवी यात्रा से संबंधित जानकारी

जितना महत्व यहाँ की माँ वैष्णो देवी यात्रा का है ! उतना ही महत्व माता की गुफा का है ! माँ वैष्णो देवी यात्रा के लिए उनके भक्त को एक प्राचीन गुफा से होकर गुजरना पडता है ! कहा जाता है माता की ये गुफा बहुत ही अद्भुत रहस्यमयी रहस्यों से भरी पड़ी है ! भगवान विष्णु के अंस से उत्पन माँ वैष्णो का एक अन्य नाम देवी त्रिकुटा भी है ! देवी त्रिकुटा के निवास के कारण माता का निवास स्थान त्रिकुट पर्वत कहा जाता है !

वैष्णो देवी जाने का रास्ता – माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए वर्तमान में जिस रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है ! वह गुफा में प्रवेश का प्राक्रतिक रास्ता नहीं है ! श्रदालुओ की बढती संख्या के देखते हुए ! कृतम रास्ते का निर्माण सन 1977 में किया गया ! वर्तमान में इसी रास्ते से श्रदालु माता के दरबार में प्रवेश कर पाते है ! कुछ किस्मत वाले भक्तो को प्राचीन गुफा से आज भी माता के भवन में प्रवेश का सोभाग्य मिल जाता है !

दरह्सल नियम ये है की जब भी कभी 10 हजार से कम श्रदालु होते है ! तब प्राचीन गुफा का द्वार खोल दिया जाता है ! आमतोर पर ऐसा शीतकाल में दिसम्बर या जनवरी महीने में होता है ! पवित्र गुफा की लम्बाई 98 फिट है ! गुफा में प्रवेश और निकास के लिए दो कृतम रास्ते बनाये गए है ! इस गुफा में एक बड़ा चबूतरा बना हुआ है ! इस चबूतरे पर माता का आसन है ! जहा देवी त्रिकुटा अपनी माताओ के साथ विराजमान रहती है !

माता वैष्णो देवी के दरबार में प्राचीन गुफा का काफी महत्व है ! सभी श्रदालु इसी गुफा से माता के दर्शन की इच्छा रखते है ! क्योकि एसी मान्यता है की प्राचीन गुफा के समक्ष भेवर का शरीर मोजूद है ! माता ने यही पर भेरव को अपने त्रिसुल से मारा था ! उसका सिस उढ़कर भेरव घाटी में चला गया तथा शरीर यही पर रह गया ! भेरवनाथ का वध करने पर उसका सिस भवन से 3 km दूर जहा पर गिरा था ! वहा पर आज भेरवनाथ का मंदिर स्थित है !

कहा जाता है की अपने वध के बाद भेरवनाथ को अपनी भूल का पश्चाताप हुआ ! उसने माँ वैष्णो से समादान की भिक मांगी तथा वैष्णो देवी ने भेरवनाथ को वरदान देते हुए कहा –  की मेरे दर्शन तब तक पुरे नहीं माने जायेंगे ! जब तक कोई भक्त मेरे बाद तुम्हारे दर्शन नहीं करेगा ! 

इस प्राचीन गुफा के महत्व का एक कारण और भी है ! क्योकि इस गुफा से पवित्र गंगा जल प्रवाहित होता रहता है ! श्रदालु इस जल से पवित्र होकर माँ के दरबार में पहुचते है ! जो की अपने आप में ही एक अद्भुत अनुभव होता है !



क्वारी और अर्द्ध क्वारी का रहस्य माता वैष्णो देवी की गुफा का सम्बन्ध यात्रा मार्ग में आने वाले एक पड़ाव से है ! जिसे आदि क्वारी या अर्ध क्वारी कहते है ! इसके बारे में एक मान्यता है ! की जब भेरावनाथ ने उस कन्या के रूप में माँ वैष्णो देवी को पकड़ना चाहा ! तब वह कन्या वहा से त्रिकुट पर्वत की तरफ भागी ! उस कन्या रूपी वैष्णो देवी ने हनुमान जी को बुला कर कहा की भेरवनाथ के साथ खेलो ! में इस गुफा में 9 माह तक तपस्या करुँगी ! इस गुफा के बाहर माता की रक्षा के लिए हनुमान जी ने भेरवनाथ के साथ 9 माह तक खेला ! आज इस पवित्र गुफा को अर्द्ध क्वारी के नाम से जाना जाता है !

अर्द्ध क्वारी के पास ही माता की चरण पादुका भी है ! ये वही स्थान है जहा माता ने भागते-भागते मुढ़कर भेरावनाथ को देखा था ! कहते है हनुमान जी माँ की रक्षा के लिए माँ वैष्णो देवी के साथ ही थे ! हनुमान जी को प्यास लगने पर माता ने उनके अनुग्रह पर धनुष से पहाड़ पर एक बाण चला कर जल धारा को निकाला था ! आज ये पवित्र जल धारा बाण गंगा के नाम से जानी जाती है ! जिसके पवित्र जल से स्नान करने या इसका पान करने से भक्तो की सारी वेध्या दूर हो जाती है !

यहाँ एक अन्य गुफा है जिसे गर्भ झुन के नाम से जाना जाता है ! मान्यता है की माता यहाँ 9 महीने तक उसी प्रकार में रही थी ! जिस प्रकार एक शिशु माता के गर्भ में रहता है ! इसी लिए ये गुफा गर्भ झुन कहलाता है ! गर्भ झुन की गुफा के बारे में कहा जाता है ! की अगर कोई मनुष्य इस गुफा में जाता है तो फिर उसे माँ के गर्भ में वापस नहीं आना पढता ! अर्थात मृत्यु के बाद उसे मोक्ष प्राप्त हो जाता है ! और उसे किन्ही कारणों से गर्भ में आना पड़ा तो उसका जीवन बहुत ही सुखमय बीतता है !

दोस्तों ये तो थी कुछ बाते जो माँ वैष्णो देवी गुफा से जुडी थी ! हम आशा करते है की आप शक्ति को समर्पित इस पवित्र तीर्थ स्थल के दर्शन जरुर कीजियेगा ! और अपने अनुभव हमारे साथ जरुर शेयर कीजियेगा ! 




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